69000 शिक्षक भर्ती की सुनवाई का सार

#69000_शिक्षक_भर्ती की कल (39 मई) की सुनवाई का पूरा सार

आज सुनवाई मुख्य न्यायाधीश महोदय की बेंच में फ्रेश केस 4 नंबर पर लगी हुई थी जिसमें हमारी तरफ से अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी जी द्वारा मुख्य न्यायाधीश महोदय को बताया गया कि किस तरीके से विपक्षी ने कोर्ट को गुमराह कर B.Ed बाहर करने वाली याचिका और 9097 बचाने वाली याचिका दोनों को आपस में टैग करा दिया गया मुख्य न्यायाधीश महोदय विपक्षी वकील पर बहुत नाराज हुए और कहा जुलाई में आप एक एप्लीकेशन लगा दे जिससे दोनों केस को अलग किया जा सके

69000 शिक्षक भर्ती की सुनवाई का सार

➤ उसके बाद कोर्ट नंबर 2 में B.ed को बाहर करने वाली याचिका लगी हुई थी लेकिन कोर्ट नंबर दो आज नहीं बैठी थी इसीलिए उस बेंच के जितने फ्रेश केस थे सभी कोर्ट नंबर 1 में ट्रांसफर कर दिया गया था जिस पर हमारे सीनियर अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत करा दिया की B.Ed मैटर और 9097 मैटर दोनों अलग है दोनों के ग्राउंड अलग हैं इसीलिए दोनों को आपस में टैग नही किया जा सकता जिस पर जज साहब सहमत दिखे और कहा आपका केस 12:30 बजे लिस्टेड कर देता हूं

➤ 12:30 बजे जब सुनवाई प्रारंभ हुई तब सीनियर अधिवक्ता प्रशांत चंद्रा द्वारा बहस शुरू की गई 1:15 तक कंटिन्यू बहस करते हुए जज साहब को पूरा मैटर समझा दिया, तब तक कोर्ट में एजी साहब भी आ चुके थे एजी साहब का सीजे बेंच में UPtet 2017 केस लगा हुआ था इसीलिए देर में आए और आते ही 5 मिनट जोरदार बहस करते हुए जज साहब को एग्री कर लिया कि आप सिंगल बेंच के ऑर्डर पर स्टे दें जिस पर विपक्षी वकील चिल्लाने लगे तो जज साहब ने लंच के बाद पुनः केस 2:00 बजे लगा दिया जैसे ही अपना के शुरू हुआ एजी साहब ने जोरदार बहस करते हुए विपक्ष के सभी वकीलों को धराशाई कर दिया उसके बाद उपेंद्र मिश्रा जी शुरू हुए लेकिन जज साहब उनकी बातों से असहमत दिखे अतः 10 मिनट बाद मिश्रा जी बैठ गए नंबर आया एच एन सिंह का उन्होंने पुनः वही आनंद कुमार यादव केस से शुरुआत की और हाई स्कूल इंटर ग्रेजुएशन बीटीसी आदि सभी मुद्दों पर बहस करते करते B.ed को बाहर कराने पर बहस करने लगे जिस पर असहमत दिखे और सबमिशन पूरा कर बैठ गए परिहार सर ने 2 मिनट का समय लिया उसके बाद डॉ एल पी मिश्रा जी ने बहस प्रारंभ की जिस पर जज साहब ने कहा कि आपके पास अगर कोई नया तथ्य है तो कोर्ट के सामने रखें एलपी मिश्रा जी ने कोर्ट को सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए बताया की कटऑफ बहुत हाई लगाई गई है इससे सभी शिक्षामित्र बाहर हो रहे है जिस पर महाधिवक्ता महोदय ने जोरदार अरगुमेंट किया जिस पर एल पी मिश्रा जी फाइल पटक दिया और कहने लगे स्टेटस को कर दिया जाए लेकिन महाधिवक्ता महोदय और सीनियर अधिवक्ताओं की फौज ने स्टे की मांग की और आज आर्डर रिजर्व करने की बात कही गई*

➤ जस्टिस महोदय ने ऑर्डर रिजर्व कर लिया है अंतरिम राहत की मांग की गई, ऑर्डर 3 तरीके से आ सकता है

  1.  *स्टे*
  2. सिंगल बेंच में जितने शिक्षामित्र याची बने थे उतनी सीटे छोड़ कर 9097 पर रिजल्ट जारी कर देना*
  3. स्टेटस को*

सबसे ज्यादा चांस स्टे के हैं
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