शिक्षा मित्र का बड़ा मुद्दा - अभ्यर्थी शिक्षामित्रो के भारांक को लेकर कर रहे विरोध

#शिक्षामित्र का मुद्दा- अभ्यर्थी शिक्षा मित्रो के भारांक को लेकर विरोध कर रहे, देखे निम्न बिन्दु

(1) - #शिक्षामित्रो का भारांक 25 अंक नही है बल्कि 2.5 अंक प्रतिवर्ष शिक्षण अनुभव के आधार पर है , अधिकतम 25 अंक है ।

(2) - 137000 भर्ती के भाग 1 ( 68500 ) में उक्त भारांक दिया जा चुका है , उस पर किसी को कोई आपत्ति नही थी ।

(3) - आपके अनुसार मान लेते है अन्य किसी राज्य में 10 अंक भारांक दिया गया है -
  • लेकिन ऐसा भी राज्य ( उत्तराखण्ड ) है जहाँ पर भारांक व अन्य परीक्षा के बिना ही शिक्षक बना दिये गए है , हर राज्य की सरकार को कुछ विशेषाधिकार होते है , ऐसे ही अधिकार के चलते उत्तर प्रदेश सरकार ने अन्य लिखित परीक्षा करायी और शिक्षा मित्र भारांक सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बेसिक शिक्षा नियामावली में लिखने के बाद ही शिक्षा मित्रो को दिया ।
  • अन्य राज्यो से भारांक की तुलना जब ही की जा सकती है जब भर्ती का प्रारूप बिल्कुल उत्तर प्रदेश राज्य जैसा हो । हो सकता है अन्य राज्यो में सिर्फ लिखित परीक्षा ही हो और उसका पूर्णांक 50 अंक हो तब 10 या 15 अंक का भारांक दिया जा रहा हो और परीक्षा में भी इतने विषय न हो जितने कि उत्तर प्रदेश में है । हमारे यहाँ भर्ती का प्रारूप 40 % + 60 % है अगर अन्य किसी राज्य में भी ऐसा ही हो तो तुलना करो ।
  • अगर भर्ती सिर्फ लिखित परीक्षा पर होती और लिखित परीक्षा का पूर्णांक 100 अंक का होता तो फिर यह सुनने में नही आता कि 25 अंक का नही बल्कि 25 % का भारांक मिल रहा है और दोनों पक्ष 2.5 अंक प्रति वर्ष से पूरी तरह सहमत होते ।
(5) - परीक्षा का पूर्णांक 150 अंक का है और आपको भारांक 62.5 अंक का प्रतीत हो रहा है आपकी गलतफहमी अथवा सोची समझी योजना को दूर कर देते है लिखित परीक्षा का शेयर 60 % है और एकेडमी का शेयर 40 % है कुल भर्ती का प्रतिशत 100 हुआ , भारांक देय सिर्फ लिखित परीक्षा वाली प्रतिशत (60) पर ही नही है बल्कि एकेडमी वाली प्रतिशत (40) पर भी है गणित में ऐकिक नियम आपने पढ़ा होगा , जब 100 % पर 25 अंक है तो 60 % ( लिखित परीक्षा ) पर 15 अंक का भारांक आएगा और 40 % ( एकेडमी ) पर 10 अंक आएगा , तब जुड़कर 15 अंक व 10 अंक , 25 अंक बनेंगे । अगर भर्ती सिर्फ लिखित परीक्षा पर होती तब उसका पूर्णांक चाहे कुछ भी होता लेकिन उसका अपना ही शेयर 100 % होता और उसी पर 25 अंक भारांक माना जाता । अब आप लिखित परीक्षा में 15 अंक अर्थात 37 अंक का भारांक बोल सकते हो न कि 62.5 अंक का , एकेडमी में भी 10 अंक का भारांक देय है । अब आप बताओ हमारी 18 वर्ष की तपस्या के चलते लिखित परीक्षा में 37 अंक मिल रहे है तो क्या वे भी नही मिलने चाहिये ? हमारी आपकी एकेडमी में भी बहुत वर्षो का अंतर है , मेरिट का अन्तर है तो 10 अंक का भारांक वहाँ भी मिला है । आप 15 अंक +10 अंक को एक जगह जोड़कर 25 अंक का भारांक देख रहे हो जबकि लिखित परीक्षा जो कि अपने आप में 60 % का योगदान भर्ती में रख रही है , किसी भी आधार पर 62.5 अंक नही बना सकते हो । आपका यह गणित आपके साथियो तक खूब दौड़ेगा लेकिन न्याय पालिका में नही चलने वाला है ।


(6) - अगर परीक्षा का पूर्णांक 300 होता तो आपको हमारा भारांक 125 भी नजर आ सकता था , भारांक तो अंत में ही जुड़ता है , क्या 300 के पूर्णांक पर भी हमको सिर्फ 25 अंक ही मिलते , ऐसी छोटी छोटी बाते लेकर कोर्ट में चले जाना यह दर्शाता कि अभ्यर्थी का वर्तमान दौर में कितना ज्ञान है । भारांक देय की गणना एकेडमी व लिखित परीक्षा का योग होने के उपरान्त ही होती है और राज्य सरकार इसका उल्लेख नियमावली , विज्ञापन आदि में कर चुकी है ।

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