69000 शिक्षक भर्ती (डबल बेंच) कोर्ट अपडेट सीतापुर टीम

सीतापुर टीम- 69000 शिक्षक भर्ती (डबल बेंच) कोर्ट अपडेट
दिनाँक - 09/07/2019

साथियों कल की हुई सुनवायी के पश्चात लम्बी डेट मिलने की वजह से वकीलो के साथ सलाह मशविरा के चलते पोस्ट नही पड़ पाई। कल जो कुछ भी कोर्ट में हुआ उसकी लाइव अपडेट आपके समक्ष प्रस्तुत है।

साथियों कल कोर्ट में जो भी हुआ उससे मन व्यथित है,कल जैसे ही अपने केस का नम्बर आया,केस पास ओवर हो गया। पुनः जब नम्बर आया तो शिक्षामित्रों के पक्ष के उपेन्द्र मिश्रा जी को लीडिंग होने के कारण पहले बोलने को मौका मिला। लेकिन कल जो केश को उलझाने का खेल रिजवान के द्वारा खेला गया। इसकी जितनी निंदा की जाये उतनी कम है।
69000 शिक्षक भर्ती (डबल बेंच) कोर्ट

कल फायर ब्रॉन्ड ने अपने पासिंग मार्क के मुद्दे से भटकते हुए ,बी एड के मुद्दे से शुरुआत की तथा बी एड के खिलाफ जो याचिका रिजवान के द्वारा अरुण दीक्षित के नाम से डाली गई थी ,जिस पर काउंटर न आने का हवाला दिया गया। और जज साहब जो कि कल केश सुनने के मूड में थे उनको दूसरी दिशा में मोड़ दिया।

जज साहब ने कहा इस मैटर में महाधिवक्ता का होना आवश्यक है,इस लिए आज उनके न उपस्थित होने की वजह से अगली डेट 16 जुलाई के लिए कहा,लेकिन फायर ब्रॉन्ड के द्वारा दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा गया। जिस पर पहले 31तथा बाद में 2 अगस्त की तिथि निर्धारित की गयी। जिसमे ए जी साहब को तलब किया गया।

सुनवाई के पश्चात हम लोग एच एन सिंह से मिले। जिसमे राजकुमार मिश्रा भी साथ मे थे,कोर्ट में सुनवाई को लेकर वह भी खफा दिखे, उनका साफ यह कहना था। कि पक्ष और न विपक्ष इस मामले को निपटाना ही नही चाहते हैं। इसी लिए मुद्दे से हट कर कोर्ट में बात कही जाती है।

साथियों आज अगर हमारे केश में बी एड का केश न जुड़ा होता तो हमारा केश अब तक साल्व हो चुका होता। आप लोगो को याद होगा जब अपना केश सी जे की बेंच में लगा था,उसी दिन रिजवान ने आकाश पटेल की याचिका जिसकी सुनवाई भी उसी दिन थी, अपने केश को फसाने के लिए अपने केश में टैग करवाने का काम किया। बात यही खत्म नही हुई कि एक और याचिका अरुण दीक्षित के नाम से बी एड के खिलाफ अपने केश में टैग कराई गई। केवल और केवल केश को फसाने के लिए ।

मुझे समझ नही आता यह वयक्ति रुपये कमाने के चक्कर मे इतना अंधा हो जाएगा कि पासिंग मार्क मुद्दे से भटक कर , 68500,बी एड,तथा टेट 2017 के मुद्दों को गलत समय मे उठाकर 69000 शिक्षक भर्ती कोर्ट की सुनवाई का आर्डर को दफन करना चाहता है। केवल और केवल अपनी राजनीतिक महत्वाकाक्षा के चलते । लिखने को तो बहुत कुछ है,लिखा भी जाएगा लेकिन यह शायद समस्या का हल नही है।

यहाँ पर मुद्दा कुछ और नही सर्वेश प्रताप सिंह तथा बी एड के नेताओं के साथ मिली भगत का नतीजा है,न रिजवान और न सर्वेश प्रताप भर्ती होने ही नही देना चाहते है,क्योंकि दोनों चंदे के दम पर करोंङो में खेल रहे हैं।

इसको यह नही पता की डबल बेंच से 40 45 पासिंग मार्क फिर से विजयी हो जाये तो बी एड बाहर हो या न हो टेट पास शिक्षामित्रों को शिक्षक बनने से कोई रोक नही सकता ।

साथियों इसके लेखक बैरागी जो कि बी एड का अभ्यर्थी 29000शिक्षक भर्ती में चयनित जनपद ललित पुर है। जिसका पेशा ही पैसा लूटना है ।एक बी एड वाला शिक्षामित्र का कितना हितैसी है ये जग जाहिर है,जिसने 1200 साथियों को मौत के घाट उतरवा दिया।


प्रदेश के सभी टेट पास साथी समय रहते जागरूक नही हुए तो यह अंतिम अवसर भी हाथ से चला जायेगा। शेष पैरवीकार एक साथ बैठकर इस भयावह मसले का हल ढूंढे। और विचार करें ,कि कैसे भी बी एड के मुद्दे को अपने केश से अलग किया जा सके। जिससे पुनः 40 45 के आदेश पे डबल बेंच की मुहर लगवाई जा सके।

सभी जागरूक साथी विचार अवश्य करें ।

नोट - प्रदेश के सभी जागरूक साथी तथा अन्य टीमें इस मुद्दे को कैसे हल करना है,इस पर विचार करें कि कैसे बी एड के केश को अलग कर 40 45 पासिंग मार्क केस पर पुनः जीत की मुहर लगे ।

No comments:

Post a Comment