शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली का आरोप, धरने पर गेस्ट टीचर

शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली का आरोप

दिल्ली यूनिवर्सिटी से संबंद्ध नॉन कॉलेजिएट वूमेन एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) में नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर कई अतिथि शिक्षक 16 सितंबर से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. एनसीवेब के अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि नियुक्ति प्रक्रिया में यूनिवर्सिटी प्रशासन धांधली कर रहा है.

उन्हें 16 सितंबर से एनसीवेब बिल्डिंग में बंद करके रखा गया है. अतिथि शिक्षकों का कहना है कि सत्र शुरू होने के बाद अतिथि शिक्षकों को दोबारा नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है. इसके तहत अतिथि शिक्षकों की सूची तैयार की गई है, लेकिन नियुक्ति पत्र देने में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है.

धरना प्रदर्शन पर बैठे अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन मनमाना तरीके से अपने लोगों को नियुक्ति पत्र दे रहा है. सूची में शामिल उम्मीदवार नियुक्ति पत्र मिलने का इंतजार कर रहे हैं. वे नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं.

धरने पर बैठीं अतिथि शिक्षक आरती रानी प्रजापति का आरोप है कि एनसीवेब प्रशासन पहले आओ, पहले पाओ की नीति पर नियुक्ति पत्र दे रहा है. इसलिए सूची में शामिल उन उम्मीदवारों को नियुक्त पत्र नहीं मिल पाया जो पीएचडी धारक हैं या पीएचडी कर रहे हैं बल्कि उन लोगों को पहले नियुक्ति पत्र मिल गया जो मास्टर्स डिग्री और नेट पास हैं. लेकिन इसमें पीएचडी धारक उम्मीदवार पीछे छूट गए हैं.

आरती रानी प्रजापति ने बताया कि NCWEB DU में हमेशा से अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति मनमाने ढंग से होती रही है. पहले आप निदेशक के पास जाकर मिलते थे नियुक्ति पत्र मिल जाता था. अब ये व्यवस्था थोड़ी परिवर्तित की गई है. अब पहले आओ, पहले पाओ का तरीका अपनाया गया है. 8 विषयों को एक साथ दिल्ली विश्वविद्यालय के ad hoc पैनल की 3rd व 4th कैटेगरी के हिसाब से NCWEB बुलाया गया, इसका नतीजा ये रहा कि यहां सभी बेरोजगार पहुंच गए

उन्होंने बताया कि भीड़, अव्यवस्था और प्रशासन की लापरवाही के चलते कई युवा यहां बेहोश हो गए. एक छोटी सी जगह और लगभग 2000 लोग यहां थे. 16 सितंबर को शाम 4 बजे लोगों ने जब आवाज बुलंद की तो आधे घंटे में नोटिस निकाला गया कि जब तक दूसरा नोटिस नहीं आता, तब तक नियुक्ति‍यां रद्द की जाती हैं. दोबारा नोटिस के आधार पर हिंदी की 3rd कैटेगरी वालों को बुलाया गया. जिसको दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव के चलते रद्द किया गया था.