2 छात्रों को पढ़ाने के लिए नियुक्त हैं दो शिक्षक

सरकारी स्कूलों की हालत का अंदाजा इसी बात से लगया जा सकता है, कि जिले के करीब 272 स्कूल ऐसे हैं, जहां पर छात्रों की संख्या 20 से भी कम है और करीब 55 स्कूल ऐसे हैं जहां पर छात्रों की संख्या दहाई अंकों में भी नही है.2 छात्रों को पढ़ाने के लिए नियुक्त हैं दो शिक्षक

मध्य प्रदेशः  सरकारी स्कूलों को लेकर सरकार चाहे कितनी भी बातें कर लें, लेकिन सच्चाई तो कुछ और ही है. इन स्कूलों की दास्तां किसी और को बताने की जरूरत नहीं है, बल्कि ये स्कूल अपनी दास्तान खुद ही बयान करते हैं. प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता लाने को लेकर दावे हर सरकार में किए जाते हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड कुछ और ही बयान करते हैं. हालात यह हैं कि कई स्कूल ऐसे हैं, जहां शिक्षकों की कमी दूर नहीं हो पा रही है तो कई ऐसे भी स्कूल हैं, जहां 1 छात्र के लिए 2 और उससे ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति की गई है.