सीतापुर शिक्षामित्र टीम की 69000 शिक्षक भर्ती B.Ed प्रकरण पर क्या है सोच जानिए

B.ed प्रकरण सोच जानिए 

जब तक किसी नियमावली में संसोधन नहीं होता तब तक कैविनेट द्वारा पूर्व के बनाये हुए नियम प्रभावी माने जाते हैं। इतनी लंबी चौड़ी बात है ही नहीं, और इस एक सैंतीस की भर्ती (bharti)की नियमावली सरकार पहले ही बना चुकी है और उसी क्रम में एक भर्ती भी पूरी हो चुकी है। अब बीएड ज्यादा उछल कूद किया और मामला sc गया वैसे अभी इसकी उम्मीद तो नहीं है पर अगर ऐसा हुआ तो बीएड को बाहर जाने से कोई नहीं रोक सकता वो भी ncte के नियमों के हिसाब से। क्योंकि बीएड को प्राइमरी में शामिल करने की पहली शर्त तो ये है कि जहाँ

सीतापुर शिक्षामित्र टीम की 69000 शिक्षक भर्ती B.Ed प्रकरण

बीटीसी अभ्यर्थियों द्वारा सीटें न भर पाएं वहां इनको शामिल करना है। दूसरी बात ये की ये शिक्षक भर्ती (shikshak bharti) नहीं है बल्कि सहायक अध्यापक की भर्ती (shikshak bharti) है और इसमें वही बीएड प्रतिभाग करेगा जो ब्रीज़ कोर्स पूरा कर चुका हो। क्योंकि सरकार विना ब्रीज़ कोर्स के अंतिम मेरिट और कटा ऑफ  कैसे निर्धारित करेगा तीसरी और अहम बात सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के हिसाब से तो शिक्षा मित्रों पर आप टेट के अलावा कोई दूसरी योग्यता चाहिए ही नहीं क्योंकि आनंद कुमार यादव को sc ने सही माना और शिक्षा मित्रों को वही योग्यता हाशिल करते हुए सीधे भर्ती से चयन होने का दो मौका दिया जिसमें वेटेज और आयु में छूट देने की बात किया। अब इतना ही काफी है इन फर्जी योग्यता धारियों को इनके सही जगह पर पहुंचाने हेतु। जिस भी बीएड ग्रुप में ज्यादा उछल कूद हो रही हो उन सभी ग्रुपों में इसे फॉरवर्ड करिये आप लोग, फिर देखिए इनकी 😄😄