हम रावण जला रहे थे, उधर पाच साल की बची के साथ नोच गया राक्षस

हम रावण जला रहे थे

दुष्कर्म के बाद बच्ची और उसकी मां का यह फोटो ही दर्द की भयावहता बताने के लिए काफी है। रात तक मां से ऐसे ही लिपटकर रोती रही।
  • ज्यादती का दर्द इतना कि रात तक बंद नहीं हुई चीखें
  • आनंदपुरी क्षेत्र में घर पर अकेले थे बच्चे, बाइक पर आए दो बदमाशों की करतूत, रिश्तेदार हो सकता है आरोपी,
  •  इसी क्षेत्र में जला सबसे बड़ा रावण
बांसवाड़ा: यातना, यौन शोषण और हेवानियत की हदें पार हो चुकी हैं। दशहरे पर जब हम बुराई के खात्मे के प्रतिक रावण को जलाने की तैयारी में लगे थे, उसी दौरान दो दरिंदों ने पांच साल की बच्ची को हेवानियत का शिकार बना डाला। शाम को बच्ची को महात्मा गांधी अस्पताल लाया गया तो उसकी चीखें दर्द की भयावहता को बताने के लिए काफी थी। दोपहर की इस वारदात के बाद भी चीखें रात तक थमी नहीं थी। अस्पताल के बेड पर मासूम अपनी मां के गले लिपटकर सिसकियां ले रही थी। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना आनंदपुरी थाना इलाके में मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की है। वारदात तब हुई जब बालिका की मां सोयाबीन काटने खेत में गई थी। घर पर पीड़िता उसके भाई-बहन ही थे। बाइक पर दो युवक आए और बच्ची के भाई को धमकाकर घर से भगा दिया। बच्ची को एमजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले की भनक लगते ही रात को पुलिस एमजी अस्पताल पहुंची और पीड़ित बालिका के मां के बयान दर्ज किए। पुलिस का संदेह महिला के ही किसी रिश्तेदार पर है।