इन पांच कारणों के चलते हो रहा प्रेरणा ऐप का विरोध, शिक्षकों ने निकाला जुगाड़

बेसिक शिक्षकों को प्रेरणा ऐप (Prerna App) पर स्कूल से तीन टाइम सेल्फी खींचकर अपडेट करनी है। बच्चों के साथ, स्कूल की बिल्डिंग के सामने, छुट्टी के समय लाइन लगाकर निकलते बच्चों की फोटो खींचनी है। बच्चों की और खुद की अटेंडेंस लगानी है और छुट्टी चाहिए तो भी इसी प्रेरणा ऐप (Prerna App) से अप्लाई करना है। प्रेरणा ऐप की जो समस्याएं शिक्षक गिना रहे हैं उनमें पांच प्रमुख इस प्रकार हैं।

प्रेरणा ऐप का विरोध

शिक्षको के मुताबिक   प्रेरणा ऐप (Prerna App) में ये 5 कमी-

  • शिक्षकों का कहना है कि फोन में नेटवर्क नहीं है, तो भी ये ऐप जीपीएस लोकेशन (Prerna App GPS Location) पकड़ेगा। इस जीपीएस लोकेशन को टैग करके शिक्षकों की जगह पता चलेगी। ये उनकी सुरक्षा का मुद्दा है।
  • फोन रखने वाले शिक्षकों ने किसको फोन किया और किसका फोन रिसीव किया, इस सब की जानकारी भी प्रेरणा ऐप (Prerna App) जुटा रहा है।
  • गूगल (Google) पर आपने क्या सर्च किया? क्या डाउनलोड (Prerna App Download) किया? ये सारी जानकारी भी ऐप जुटाएगा। मतलब क्या खोज रहे हैं,
  • कि प्रेरणा ऐप (Prerna App) को डेवलप करने वाली, मतलब ऐप को बनाने वाली कंपनी का फोन, ईमेल एड्रेस या कोई भी संपर्क सूत्र नहीं दिया गया है।
  • प्रेरणा ऐप इंस्टाल (Prerna App Install) करेंगे, मोबाइल फोन का सीरियल नंबर, मॉडल नंबर, ब्रांड, ऑपरेटिंग सिस्टम, सिमकार्ड का नंबर, ईमेल आईडी सब ले लिया जाएगा और सबसे जरूरी बात, इन सबके लिए फोन यूजर की अनुमति लेने की जरुरत भी नहीं होगी।

शिक्षकों का प्रेरणा ऐप के खिलाफ जुगाड़

वह इस ऐप से बचने के लिए अपना स्मार्टफोन (Smart Phone) लेकर स्कूल नहीं जा रहे हैं। सस्ता कीपैड फोन इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे वह ऐप को इंस्टाल करने या इसके इस्तेमाल करने से बच जा रहे हैं। ऐसे में जब अधिकारी शिक्षकों से पूछ रहे हैं कि ऐप कहां है। तो वह कहते हैं कि उनके पास स्मार्टफोन (Smartphone) नहीं है।